अब किसानों की अनुमति के बाद ही बैंक काट सकेगा बीमा राशि


अब किसानों की अनुमति के बाद ही कटेगी बीमा राशि
किसान क्रेडिट कार्ड वाले किसानों को मिलेगी सहूलियत
बीमा राशि न कटे इसके लिए बैंक में देना होगा प्रार्थना पत्र
श्याम सुंदर तिवारी
सिद्धार्थनगर। किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब बैंक किसान के अनुमति के बिना उनके खाते से फसल बीमा के प्रीमियम की धनराशि नहीं काट सकेंगे। खाते से बीमा राशि नहीं काटी जाए इसके लिए किसान को बैंक में पत्र देना होगा। किसान को यह पत्र प्रत्येक फसल सीजन में देना होगा। माना जा रहा है कि इससे किसानों को काफी लाभ होगा। किसानों का मानना है कि किसानों की केवल बीमा राशि कटती थी, इसके एवज में कम किसानों को ही मुआवजा मिल पाता था।







सरकार किसानों की माली हालत सुधारने और आढ़तियों के चंगुल से मुक्ति दिलाने के लिए किसानों को सस्ती दर पर कर्ज देने की कवायद शुरू हुई थी। इसके लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी गई। क्रेडिट कार्ड धारक किसान की मर्जी के बिना भी बैंक उसके क्रेडिट खाते से तय बीमा राशि काट कर फसल का बीमा कर देते हैं। कई ऐसे किसान थे जिनके खाते से बीमा राशि तो काटी गई थी लेकिन फसल बर्बाद होने पर उन्हें या तो मुआवजा नहीं मिला या जितना नुकसान हुआ उतना नहीं मिला। फसल बर्बाद होने पर काफी संख्या में किसान मुआवजा राशि पाने से वंचित रह गए। जिला कृषि अधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड में नया नियम लागू हुआ है। बिना किसान के अनुमति के अब बीमा राशि नहीं कट सकेगा।
किसानों को देना होगा प्रार्थना-पत्र
नए नियम के तहत अगर किसान चाहता है कि उसके क्रेडिट कार्ड से बीमा की राशि नहीं काटी जाए तो वह फसली सीजन पर बैंक को एक प्रार्थना पत्र दे की वह अपनी फसल का बीमा नहीं कराना चाहता है। इसके बाद बैंक उसके खाते से रकम नहीं काट सकेगा। खरीफ सीजन में 31 जुलाई तक प्रार्थना-पत्र दे सकेंगे।
जिले में हैं इतने केसीसी धारक
कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में बड़ी तादाद में किया हैं, जिनका मुख्य धंधा खेती है। जिले में पौने दो लाख हेक्टेयर भूमि पर खरीफ की फसल लगाई जाती है। विभाग के मुताबिक जिले में 70 हजार किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड है। जो हर फसली ऋण बैंक से लेते हैं और समय-समय पर भुगतान करते हैं।

Post a comment

0 Comments