सिद्धार्थनगर: श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर के द्वार, टेका माथा

सिद्धार्थनगर। आस्था के केंद्र मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा सवा दो माह बाद सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए खुले तो सुबह ही लोग माथा टेकने के लिए पहुंच गए। प्रवेश करने से पहले श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद उन्हें दर्शन करने के लिए प्रवेश दिया गया। एक साथ में चार लोगों को मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए जाने की अनुमति थी। साथ ही सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।

कोरोना संक्रमण बढ़ने के लिए बाद लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था। जिससे संक्रमण को रोका जा सके। लॉकडाउन के बाद कभी न बंद होने वाले धार्मिक स्थल बंद कर दिए गए। यहां मंदिर की देखरेख करने वाले महंत और मस्जिद के इमाम को छोड़कर अन्य लोगों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से रोक लगी थी। इसके बाद लोगों ने घरों में पूजा अर्चना शुरू कर दी। वहीं मुस्लिम घर में नमाज अदा कर रहे थे तो सिख धर्म के लोग भी घर में अरदास कर रहे थे। शासन के निर्णय के बाद सवा दो माह बाद मंदिर सहित सभी धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खोल दिया गया। सुबह सिंहेश्वरी देवी मंदिर, हनुमान मंदिर, योगमाया मंदिर जोगिया, पल्टा देवी मंदिर, सेमरा पल्टन नाथ शिवमंदिर सहित शोहतगढ़, बांसी, डुमरियागंज, इटवा और सदर तहसील क्षेत्र के मंदिरों में पूजा अर्चना लोगों ने की। मंदिरों पर सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए अंदर प्रवेश दिया गया। कई स्थानों पर दो मीटर की दूरी के हिसाब से लाइन बनाकर मंदिर में पूजा के लिए प्रवेश दिया गया। वहीं जिले की सभी मजिस्द और गुरुद्वारा भी खुल गए। मुस्लिमों ने पांच वक्त की नमाज मस्जिदों में अदा की। इसके अलावा सिख धर्म के लोगों ने गुरुद्वारा पहुंचकर अरदास किया। एसपी विजय ढुल ने बताया कि मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है। सामाजिक दूरी का पालन करने के साथ ही लोगों को प्रवेश करने दिया गया। साथ ही धर्मगुरुओं से भी पालन कराने के लिए अपील की गई है।

मॉल और रेस्टारेंट भी खुले
सवा दो माह बाद छुट मिलने के बाद सोमवार नगर के मॉल और रेस्टोरेंट भी खुल गए। यहां स्क्रीनिंग करने के बाद ही ग्राहकों को अंदर प्रवेश करने दिया गया। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन भी कराया गया।

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