Vikas Dubey News: विकास दुबे की गिरफ्तारी या फिक्स सरेंडर? उठ रहे सवाल

कानपुर शूटआउट के 6 दिन बाद गैंगस्टर विकास दुबे को गिरफ्तार किया गया। उज्जैन के महाकाल मंदिर में विकास की गिरफ्तारी के साथ ही सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दल इसे फिक्स सरेंडर बता रहे हैं। पढ़िए, विकास दुबे की गिरफ्तारी से जुड़े 10 सवाल



कानपुर शूटआउट (Kanpur Shootout) के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey News) की गिरफ्तारी के साथ ही सवाल उठने भी शुरू हो गए हैं। एक ओर पुलिस इसे गिरफ्तारी बता रही है वहीं विपक्षी दल इसे फिक्स सरेंडर कह रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी विकास दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं।

सवाल नंबर-1 अलर्ट के बावजूद आरोपी उज्जैन कैसे पहुंचा?


प्रियंका ने विकास दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया, 'अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है।तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं।' प्रियंका ने आगे लिखा, 'यूपी सरकार को मामले की CBI जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगज़ाहिर करना चाहिए।'

सवाल नंबर-2 सरकार साफ करे आत्मसमर्पण है या गिरफ्तारी


एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'खबर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।'

सवाल नंबर-3 गिरफ्तारी के लिए मीडिया को क्यों ले जाया गया


कानपुर शूटआउट में शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्रा के परिजनों ने भी विकास दुबे की नाटकीय गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। सीओ के रिश्तेदार कमलकांत ने कहा, 'कई अपराधी जेल से बादशाहत चला रहे हैं। 12 घंटे पहले विकास फरीदाबाद में था और तुरंत वह उज्जैन पहुंच गया। सुनियोजित तरीके से उसका समर्पण कराया गया। कौन सी पुलिस गिरफ्तारी के लिए मीडिया को लेकर जाती है।'

सवाल नंबर-4 विकास दुबे ने खुद ही बताई अपनी पहचान?


विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस देश के कई राज्यों में खाक छान रही थी। 2 दिन पहले वह फरीदाबाद में दिखा था। वहीं, यूपी पुलिस के संपर्क किए जाने के बाद एमपी पुलिस भी अलर्ट पर थी। उसके बाद भी सभी के दावों को विकास दुबे ने हवा निकाल दी है। उज्जैन पुलिस भले ही दावा कर रही है कि विकास को उसने गिरफ्तार किया है लेकिन प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि विकास दुबे ने खुद ही अपनी पहचान बताई थी।

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