अतिक्रमण से सिकुड़े तालाब, हटेगा कब्जा

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सिद्धार्थनगर : जल ही जीवन है, यह सीख हमें पूर्वजों ने दी है। जल का संचय करके ही जीवन को बचाया जा सकता है। हकीकत यह है कि कोई आदमी कई दिनों तक भूखा रह सकता है। लेकिन वह बिना पानी के जीवित नहीं रह सकता है। इसलिए जल के मूल्य को समझना होगा। इसके संरक्षण में सभी लोगो को आगे बढ़ कर आना होगा। नगरपालिका सिद्धार्थनगर ने जल संरक्षण के दिशा में सार्थक कदम उठाया है। सीमा के नए परिसीमन के बाद नगरीय क्षेत्र में तालाबों की संख्या में इजाफा हुआ है। नगरपालिका प्रशासन ने इन्हें गोद लेने की घोषणा की है। वह इनका सुंदरीकरण कराने के साथ संरक्षण भी करेगा। तालाबों से अतिक्रमण भी हटाने के लिए अभियान संचालित किया जाएगा।नगरपालिका सिद्धार्थनगर ने छह तालाब को गोद लिया है। वह इन तालाब का राजस्व विभाग से नाप कराने के बाद काम शुरू करेगा। इन तालाबों के किनारे पौधरोपण होगा। क्यारी बनाकर फूल-पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा छोटे-छोटे जलाशयों का भी जीर्णोद्वार कराया जाएगा। नौगढ़ कस्बा के बुद्धनगर और रामनगर मोहल्ला में स्थित तालाब के अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाने की योजना बनाई है। अधिशासी अधिकारी नगरपालिका सिद्धार्थनगर शैलेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि नगरीय क्षेत्र के सभी तालाबों का जीर्णोद्वार व सुंदरीकरण कराया जाएगा। इनका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

 

इन मोहल्ला के तालाब को लिया है गोद

 

नगरपालिका सिद्धार्थनगर ने छह तालाब को गोद लिया है। यह तालाब पहले ग्राम पंचायत में सम्मिलित रहे। नगरपालिका के समी विस्तार के बाद मधुकरपुर, रेहरा, भीमापार, थरौली, महनगा, मुड़िला और शास्त्रीनगर में स्थित तालाब नगरीय क्षेत्र में समाहित हुए हैं। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया गया है। तालाबों का जीर्णोद्वार कराया जाएगा। इसके लिए धन की कमी नहीं आएगी। तालाब पर कब्जा हटाने के लिए सभी तहसीलों को निर्देश दिया गया है।

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