सिद्धार्थनगर: खतरनाक इरादे का था मो. राशिद, आतंकी कनेक्शन मिलने के बाद दहशत में ग्रामीण

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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के अतरी गांव के लोग उस वक्त रविवार को हैरत में पड़ गए जब उन्हें पता चला कि उनके गांव का कनेक्शन आतंकी गतिविधि से जुड़ गया है। मुंबई में काम करने वाले गांव के निवासी मो. राशिद खान के इरादे इतने खतरनाक थे और वह आतंकी गतिविधि में संलिप्त होने के कारण पकड़ा गया है।

बस्ती में एसटीएफ की टीम ने देश विरोधी गतिविधि में शामिल होने के कारण पकड़ लिया। वहीं गांव कुछ लोग गुस्सा भी कर रहे थे, उनका कहना था कि गांव का नाम आतंकी गतिविधि से जुडऩा शर्मसार कर देने वाली बात है।

शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के अतरी गांव में जन्मे मो. राशिद शान पुत्र मजहुद अली चार भाई और चार बहनों में सातवें नंबर का है। भाइयों के बीच बंटवारा हो चुका है और वह अलग-अलग अपने परिवार के साथ रहते हैं। लोगों का कहना है कि पुराना मकान गिरने के बाद गांव के बाहर मकान बनवा लिया। इसके बाद पूरा परिवार वहीं पर रहता था।

ग्रामीणों के मुताबिक राशिद पेंट और इलेक्ट्रानिक से जुड़ा कार्य करता था। मुंबई में पेंट का ही कार्य कर रहा था। लॉकडाउन में वह गांव आया था। फिर स्थित सुधरी तो मुंबई चला गया था। इसके बाद एक माह पूर्व ही वह गांव लौटा था। वह हमेशा सामान्य तरीके से ही रहता था, उसे परिवार व गांव के लोगों से बहुत मतलब था।

गांव के लोगों से कटा हुआ रहता था मो. राशिद

वहीं रविवार को आई एक खबर ने पूरे गांव के लोगों को हैरत में डाल दिया। गांव में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कभी किसी से मतलब न रखने वाले मो. राशिद के इरादे इतने खतरानक हो गए कि वह देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो गया। अब देखना है कि एसटीएफ के सामने और कितने राज खुलेंगे। लोगों में यह भी चर्चा रही कि राशिद गांव के लोगों से एकदम ताल्लुकात नहीं रखता था। लोगों को उसके बारे में तब जानकारी होती थी, जब वह गांव आता-जाता दिखता था। इसके अलावा वह किसी से मतलब नहीं रखता था।

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प्रतिदिन इटवा आता जाता था राशिद
लोगों के मुताबिक, मुंबई से आने के बाद राशिद सुबह घर से निकलता था और फिर शाम को ही वापस लौटता था। कुछ लोगों को लगा कि कहीं आसपास काम कर रहा है। बाद में लोग को जानकारी हुई कि वह इटवा जाता है लेकिन उसके काम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

अब सवाल यह उठता है कि एसटीएफ ने दावा किया है कि मो. राशिद पीएफआई का कमांडर है। वह नए लड़कों को बरगलाकर आतंकी गतिविधि से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्हें आतंक की राह पर चलने के लिए प्रशिक्षित करता था। अगर ऐसा हुआ तो इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। इटवा के अलावा जिले के अन्य हिस्सों में लोग एक दो आतंकी मिल चुके हैं। हालांकि पूछताछ जारी है, जल्द ही सारी बातें सामने आ जाएगी।

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