Siddharthnagar Accident: सात मौत के गम में गुम हुई शहनाई, रुक गई बेटी की विदाई

28

सिद्धार्थनगर के शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के महुआ गांव में हादसे में बरातियों की मौत की खबर लगी तो हृदयविदारक हादसे के गम में शादी की शहनाई की शोर गुम हो गया। खबर मिलते ही जहां खुशियां थीं। वहां गम छा गया। शादी की रस्म रुक गई। कुछ देर बाद शादी शुरू हुई और गम के बीच दूल्हा और दुल्हन ने फेरे लिए, लेकिन बिटिया की विदाई रुक गई। वहीं, हादसे की जानकारी मिलते ही दूल्हा और उसके पिता के अलावा सभी लोग रात में ही गांव के लिए निकले पड़े। बता दें कि इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोगों की हालत अभी भी गंभीर है।पथरा थाना क्षेत्र के धरमपुरवा गांव के टोला के महुआ निवासी शोमनाथ गौड़ की पुत्री रेनू की शादी शनिवार को थी। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के महला गांव से बरात रात नौ बजे के आसपास पहुंची। बरात पहुंचने पर लड़की पक्ष के लोगों ने जल-पान, नाश्ता कराने के बाद तिलक चढ़ाया और 11 बजे द्वार पूजा शुरू हुई। लगभग 12 बजे द्वार पूजा खत्म हुई।खाना खाने के बाद कई लोग वाहन से घर के लिए निकल पड़े। महुआ गांव के लोगों ने बताया कि सभी बराती 13 बोलेरो से आए थे। चार-पांच बोलेरो छोड़कर और सभी गाड़ियां रात में ही बरातियों को लेकर वापस चली गईं। इसके बाद शादी की प्रक्रिया शुरू हुई ही थी कि घटना की सूचना बरातियों को मिली तो दूल्हे व उसके पिता के अलावा इक्का-दुक्का ही लोग बचे। शेष लोग रात में ही घर निकल पड़े।बगैर दुल्हन के ही लौटा दूल्हा
इधर, शादी के सात फेरे शुरू हुए, उधर, बरातियों की मौत की खबर सुनकर शादी की खुशियां मातम में बदल र्गइं। लोगों की समझ में कुछ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। अंत में बगैर वैवाहिक गीत के साधारण रूप से शादी संपन्न हुई। शादी संपन्न होने के बाद लड़की और लड़के पक्ष के लोगों ने हादसे की वजह से दुल्हन की विदाई नहीं करने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद दूल्हा बगैर दुल्हन के वापस चला गया। इस मौके हर किसी की आंखें नम थीं।बोले एनएच के जिम्मेदार
सिद्धार्थनगर एनएच-28 बेलगड़ी टोल प्लाजा के मैनेजर राजेश गुप्ता ने कहा कि अगर एनएच पर कहीं कोई गाड़ी खराब या दुर्घटनाग्रस्त होती है तो यह एनएच के कर्मचारी ही देखते हैं। इसके अलावा अगर किसी को पुलिस एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की आवश्यकता पड़ती है तो यह हम लोग करते हैं। उन्हें सूचना देकर मौके पर बुलाएंगे और समस्या का निस्तारण कराएंगे। 1033 हेल्पलाइन पर फोन करके कोई भी व्यक्ति हाईवे पर वाहन खड़ा करने की शिकायत कर सकता है।