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Siddharthnagar News: बिजली कर्मियों की हड़ताल से ठप रही आधे जिले की आपूर्ति

सिद्धार्थनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को शुरू हुई हड़ताल से बिजली उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रशासन की टीम विद्युत आपूर्ति बहाली के लिए पूरी मुस्तैदी से जुटी है, लेकिन जिस फीडर की बिजली कटी, वहां संकट खड़ा हो गया। तीन उपकेंद्रों बर्डपुर, बांसी और खैरटिया से ही बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। बाकी उपकेंद्रों से जुड़े लोगों को सांसत झेलनी पड़ी।शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद होने से पानी का संकट गहरा गया। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई।

प्रशासन ने बिजली समस्या के समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाया है। उसमें एक दिन में 56 शिकायतें दर्ज कराई गईं। अधिकारियों ने विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए आईटीआई के छात्रों के साथ बाहर से भी कर्मचारी बुलाए हैं, लेकिन बिना लाइनमैन के फीडर की आपूर्ति शुरू नहीं हो पा रही है।

एक अनुमान के मुताबिक, बुधवार को करीब 40 फीसदी उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा था। उसमें बांसी तहसील, खैरटिया और बर्डपुर बिजली घर की आपूर्ति ही शुरू कराई जा सकी।
जोगिया फीडर की आपूर्ति बंद होने से शहर के बसडिलिया, मुडिला, कांशीराम आवास, मधुकरपुर की बिजली गुल हो गई है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके पासवान ने बताया कि तीन उपकेंद्रों की आपूर्ति बहाल करा दी गई है, जोगिया फीडर का क्षेत्र बड़ा है। शहरी क्षेत्र की आपूर्ति शुरू करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है, लेकिन लाइनमैनों के अभाव में कामयाबी नहीं मिल पाई है। हालांकि, प्रयास जारी है।

उपभोक्ताओं में मचा हाहाकार
पानी के बिना परेशानी
मोहल्ले में बुधवार से ही विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। बाथरूम और किचन में पानी समाप्त हो गया है। हैंडपंप से पानी भरकर निस्तार का काम हो पाया है। रात में अंधेरा छाया रहा और पंखे भी नहीं चले। -प्रदीप श्रीवास्तव, मुड़िला
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इन्वर्टर और मोबाइल हुए बंद
मोहल्ले में दूसरे दिन भी बिजली नहीं आई। जिनके घर में इन्वर्टर थे, उनके घर में भी बत्ती गुल हो गई है। मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे मोहल्लों में जाना पड़ रहा है। लोगों का एक-दूसरे से संपर्क नहीं हो पा रहा है। -विजय कुमार, बसडिलिया
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थम गए ऑटो के पहिए
मैं ई-रिक्शा चलाता हूं। बिजली कटने के कारण बैटरी चार्ज नहीं हो सकी और ऑटो नहीं चला सके। इस कारण रोजगार प्रभावित हुआ। इसी प्रकार कई ऑटों के पहिए थम गए हैं।
-रमेश कुमार, मधुकरपुर
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जेनरेटर चलाकर किया काम
उसका में मैं दुकान बनवा रहा हूं। बिजली कटी तो किराये का जनरेटर मंगाकर काम कराया। अतिरिक्त खर्च हुआ। बिजली के भरोसे जिनकी रोजी-रोटी है, उन दुकानदारों का नुकसान हो रहा है। -मनोज, उसका

गर्मी से परेशान रहे स्कूलों के बच्चे
बिस्कोहर। बिजली कर्मचारियों का हड़ताल का असर नगर पंचायत बिस्कोहर के परिषदीय विद्यालयों में भी दिखा। नगर स्थित इंग्लिश मीडियम प्राइमरी विद्यालय प्रथम , पूर्व माध्यमिक विद्यालय व अपर प्राइमरी स्कूल में अध्ययन कर रहे बच्चों को उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ा। विद्यालय में लगी टंकी में पानी न होने से भोजन के बाद बच्चों का परेशान होना पड़ा।
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इटवा तहसील क्षेत्र में ज्यादा असर
इटवा में बुधवार देर शाम से बिजली गुल है। छत पर रखी पानी की टंकियां खाली हो गई हैं। कस्बा निवासी विनोद मोदनवाल कहते हैं कि नहाने के लिए भूतल में लगे हैंडपंप से पानी लेकर तीसरी मंजिल पर जाना पड़ा है। पहाड़पुर निवासी अब्दुल लतीफ का कहना है कि कस्बे में पेयजल आपूर्ति की कोई सुविधा नहीं है। टुल्लू पंप ही पानी का सहारा है, जो बिजली के बिना नहीं चल सकता।
सुबह 6 बजे से ही आपूर्ति ठप
पकड़ी एवं बभनी फीडर के पड़ने वाले गांव पकड़ी, बुढ़नइया, धनगढि़या, जखौलिया, मधवापुर, बभनी, भटमला, बैजनथा, भैसहवा, गंगवा छपिया, कुसमहर, अतरी, परिगवा, छतहरी, महथा, संतोरी संतोला, अगया आदि गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप है।
खेसरहा में करीब 90 फीसदी आबादी हलकान
बिजली आपूर्ति बाधित होने से क्षेत्र की करीब 90 फीसदी आबादी हलकान है। ब्लॉक क्षेत्र के मरवटिया बाजार (महुलानी) एवं खेसरहा विद्युत उपकेंद्रों से करीब तीन सौ से अधिक गांवों में बुधवार से विद्युत आपूर्ति ठप है। क्षेत्र के राजीव पांडे, राजेंद्र, रमेश, प्रदीप, कौशल, शैलेंद्र, राहुल तथा कुबेर का कहना है कि विद्युत कर्मियों की हड़ताल से रात में बिजली नहीं आई है।
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आईटीआई के छात्रों और शिक्षकों ने संभाला मोर्चा
डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित न हो इस के लिए एसडीएम कुणाल सिंह ने छह विद्युत उपकेंद्रों में आईटीआई के अनुभवी छात्रों और शिक्षकों को तैनात किया है।

लोगों ने बताईं दुश्वारियां
जोगिया प्रतिनिधि के अनुसार, करौंदा मसिना के मनीष मोदनवाल ने बताया कि कल शाम से बिजली नहीं मिली है। घर का इनवर्टर और फोन डिस्चार्ज हो गया है।
उसका बाजार प्रतिनिधि के अनुसार सुभाष नगर वार्ड निवासी मनोज जायसवाल ने बताया कि उनका दुकान बनाने का कार्य चल रहा है, बिजली नही होने से वह जनरेटर से काम करवा रहे हैं, जो काफी खर्चीला है। मोबाइल का दुकान चलाने वाले पंकज अग्रहरि ने बताया कि विद्युत आपूर्ति बंद होने के कारण सुबह से ही उनके दुकान पर सरदार पटेल नगर वार्ड निवासी अविनाश, राजू अग्रहरि, सबीना का मोबाइल चार्ज में लगा है, इनके अलावा दर्जन भर लोग मोबाइल चार्ज करने आए हैं। पथरा प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण पथरा फीडर और खैरटिया फीडर से 28 घंटे बिजली गुल रही। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद आपूर्ति बहाल होने से लोगों को राहत मिली।

बिजली अधिकारियों-कर्मचारियों ने की धरना सभा

सिद्धार्थनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली विभाग के कार्यालय परिसर में धरना सभा की। समिति के संयोजक विश्वविजय वर्मा ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर हड़ताल शुरू की गई है। विभागीय एवं निविदा कर्मी एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों पर अमल नहीं कर रही है। एसडीओ दीपक सिंह ने सभा का संचालन किया। अधिशासी अधिकारी राम कुमार कुशवाहा, मनीष श्रीवास्तव व यादवेश राय, रविकांत, वेद व्यास, सुरेंद्र कुमार, कुंदन कुमार, अनिल यादव, जाहिर अब्बास, गौरव शुक्ला, संतोष कुमार यादव ने विरोध जताया।
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कंट्रोल रूम नंबर

05544-220222, 05544222718

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